
बिहटा। किसी भी विद्यालय की असली पहचान उसकी ऊंची इमारतों या आधुनिक संसाधनों से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाले उन विद्यार्थियों से होती है जो अपनी मेहनत, संस्कार और सफलता से समाज में नई पहचान बनाते हैं। शुक्रवार को बिहटा आवासीय विद्यालय का परिसर कुछ ऐसा ही गौरवपूर्ण पल का साक्षी बना, जब 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता हासिल कर विभिन्न प्रशासनिक पदों पर चयनित विद्यालय के पांच पूर्व छात्रों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उन हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का मंच बन गया, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर विद्यालय पर भरोसा करते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पालीगंज एसडीएम चंदन कुमार, जैन कॉलेज आरा के पूर्व प्राचार्य प्रो. जनेश्वर सिंह, बिहटा बीडीओ शिवजन्म राम तथा समाजसेवी अशोक वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पूरे सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सफल छात्रों का स्वागत किया। मंच पर जैसे ही चयनित अधिकारी पहुंचे, उनके चेहरों पर वर्षों की मेहनत की चमक और अभिभावकों की आंखों में गर्व के आंसू साफ दिखाई दे रहे थे।
समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर चयनित सन्नी कुमार, एससी-एसटी अधिकारी बने रंजन कुमार, ब्लॉक माइनॉरिटी ऑफिसर सुमित कुमार, सहकारिता सब-रजिस्ट्रार बंटी कुमार तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) बने पंकज कुमार को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने केवल सफल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता को भी मंच पर सम्मानित कर यह संदेश दिया कि हर बड़ी सफलता के पीछे परिवार का त्याग, धैर्य और विश्वास सबसे बड़ी ताकत होता है।
मुख्य अतिथि एसडीएम चंदन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता किसी भाग्य या संयोग का परिणाम नहीं होती, बल्कि यह वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतिफल होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में असफलता आए तो उससे घबराने की बजाय उसे सीख में बदलें। जो विद्यार्थी समय का सम्मान करता है और निरंतर अध्ययन करता है, उसे मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे ये अधिकारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और इनकी सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों और गांवों के बच्चे भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।
बिहटा बीडीओ शिवजन्म राम ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल अधिक घंटे पढ़ने से नहीं, बल्कि सही समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण से मिलती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाएं और उन्हें सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं।
विद्यालय के निदेशक डॉ. उदय कुमार सिंह ने कहा कि बिहटा आवासीय विद्यालय की स्थापना केवल पढ़ाई कराने के लिए नहीं, बल्कि समाज को ऐसे योग्य, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक देने के उद्देश्य से की गई थी, जो अपनी प्रतिभा के बल पर देश और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जाता है। यही कारण है कि यहां के विद्यार्थी लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांच विद्यार्थियों की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार की वर्षों की तपस्या, शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के अटूट विश्वास का परिणाम है।
डॉ. उदय कुमार सिंह ने कहा कि जब कोई विद्यार्थी प्रशासनिक सेवा में पहुंचकर समाज की सेवा करता है तो उससे पूरे क्षेत्र के बच्चों में नई उम्मीद जागती है। यही प्रेरणा विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में बिहटा आवासीय विद्यालय से और अधिक विद्यार्थी यूपीएससी, बीपीएससी, न्यायिक सेवा, बैंकिंग, रेलवे, चिकित्सा और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर बिहार का नाम रोशन करेंगे।
समारोह में सफल छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में मिला अनुशासित वातावरण, शिक्षकों का मार्गदर्शन और निदेशक का निरंतर प्रोत्साहन उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. सोनी सिंह ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में श्याम सुंदर, लीलावती देवी, रामचंद्र, सिद्धनाथ सिंह, सर्वेश्वर द्विवेदी, नागेंद्र कुमार, पप्पू कुमार सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, समाजसेवी और विद्यार्थी मौजूद रहे। पूरा वातावरण उत्साह, गर्व और प्रेरणा से भरा रहा। यह समारोह केवल पांच अधिकारियों के सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि इस बात का जीवंत प्रमाण भी बना कि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और दृढ़ संकल्प के बल पर बिहटा की धरती से भी प्रशासनिक सेवा के नए सितारे लगातार निकल रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट
