दानापुर। सरकारी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को बेहतर माहौल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समाज की भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है, इसकी मिसाल Kitty’s Kids ने पेश की है। दुर्गा पूजा के अवसर पर संस्थान की ओर से ‘Joy of Giving’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत दानापुर के कोथवां मुसहरी स्थित जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र का कायाकल्प कर उसे बच्चों के लिए स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक बनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जरूरतमंदों के प्रति संवेदना, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी था।

जर्जर केंद्र को संवारा, बच्चों के लिए जुटाईं जरूरी सुविधाएं

कोथवां मुसहरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति पहले जर्जर थी और वहां बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। Kitty’s Kids की निदेशक भावना गुप्ता की पहल पर केंद्र में रंग-रोगन कराया गया और उसे बच्चों के बैठने योग्य बनाया गया। यहां बच्चों के लिए शैक्षणिक सामग्री, किताबें, कॉपियां, खिलौने और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराई गईं। केंद्र में प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने की व्यवस्था भी की गई है।

इस पहल का उद्देश्य केवल भवन की सूरत बदलना नहीं, बल्कि बच्चों को सीखने और खेलने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे सुविधाओं के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहें।

जरूरतमंद बच्चों के साथ बांटी खुशियां

‘Joy of Giving’ कार्यक्रम के तहत Kitty’s Kids के बच्चों ने जरूरतमंद बच्चों के साथ कपड़े, मिठाइयां, किताबें, कॉपियां, खिलौने और अन्य उपयोगी सामग्री साझा की। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि दूसरों की मदद करना और अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को शामिल करना भी जीवन की महत्वपूर्ण सीख है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती अप्सरा उपस्थित रहीं। उन्होंने इस सामाजिक पहल की सराहना की। कार्यक्रम में बच्चों के भीतर सेवा, संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के महत्व पर जोर दिया गया।

बच्चों को अच्छा विद्यार्थी ही नहीं, अच्छा इंसान बनाना भी जरूरी : भावना गुप्ता

Kitty’s Kids की निदेशक भावना गुप्ता ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही यह समझाना जरूरी है कि समाज के प्रति भी उनकी जिम्मेदारी है। किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची खुशी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाना भी है।

उन्होंने कहा कि ‘Joy of Giving’ जैसी पहल के माध्यम से बच्चों को साझा करने, सहयोग करने और दूसरों की जरूरतों को समझने की सीख मिलती है। छोटी-सी मदद भी किसी जरूरतमंद बच्चे के जीवन में खुशी ला सकती है।

सरकारी केंद्रों की देखभाल में जनभागीदारी पर जोर

कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की बेहतरी में आम लोगों की भागीदारी का संदेश भी दिया गया। अपने आसपास के शैक्षणिक केंद्रों की जरूरतों को समझकर यथासंभव सहयोग किया जाए, तो बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

Kitty’s Kids की यह पहल शिक्षा के साथ सामाजिक संवेदना को जोड़ने का प्रयास है। इसका संदेश है कि बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए पढ़ाई के साथ उनमें सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों का विकास भी जरूरी है।

ब्यूरो रिपोर्ट