धमदाहा। नगर पंचायत धमदाहा में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चल रही भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वार्ड 17 की पार्षद अनुपम देवी और कुंदन रंजन ठाकुर शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान नगर पंचायत की करीब एक दर्जन महिलाओं ने मंच पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। धमदाहा मध्य पंचायत के पूर्व मुखिया डॉ. बीके ठाकुर भी मंच पर पहुंचे और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया।
भूख हड़ताल पर बैठीं वार्ड पार्षद अनुपम देवी ने नगर पंचायत कार्यालय के कर्मियों पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 76 योग्य लाभार्थियों की सूची जियो टैगिंग के लिए कार्यालय को सौंपी गई थी। आरोप है कि कार्यालय कर्मी और बिचौलियों की कथित अनैतिक मांग पूरी नहीं किए जाने के कारण लाभार्थियों के आवास की जियो टैगिंग नहीं की गई। उन्होंने योजना से संबंधित जानकारी पार्षदों को नहीं देने तथा सामग्री की खरीद में बिचौलियों से सांठगांठ का भी आरोप लगाया।
वहीं भूख हड़ताल पर बैठे कुंदन रंजन ठाकुर ने कहा कि फरवरी 2026 में पूर्णिया आयुक्त ने योजनाओं की पारदर्शी तरीके से जांच कराने का आदेश दिया था। इसके बावजूद अब तक जांच को लेकर टालमटोल किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सही तरीके से जांच करने के बजाय उन पर आंदोलन से पीछे हटने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने नगर पंचायत की योजनाओं में खरीदी गई सामग्री के बिल और संबंधित एजेंसी के कागजात की छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
कुंदन रंजन ठाकुर ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में आधा दर्जन से अधिक ऐसी सामग्रियों की खरीद की गई है, जिनकी कीमत बाजार दर से कई गुना अधिक है। उन्होंने दावा किया कि इसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय में कथित बिचौलिया संस्कृति पर रोक लगाने और योजनाओं की निष्पक्ष जांच होने तक भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही।

ब्यूरो रिपोर्ट संतोष कुमार