पटना। ट्रेन गुजरने के लिए रेल फाटक बंद होने पर सड़क पर वाहनों की लंबी कतार और लोगों का इंतजार अब कम हो सकता है। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में ऐसे 21 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने की योजना है। आरओबी बनने के बाद सड़क यातायात को रेल लाइन के ऊपर से रास्ता मिलेगा और बार-बार बंद होने वाले रेल फाटकों से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सोमवार को चारों जिलों में प्रस्तावित आरओबी के लिए चल रहे भू-अर्जन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर धारा 20(ए) की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया।

कटिहार में छह जगह बनेगा आरओबी

कटिहार में छह स्थानों पर आरओबी प्रस्तावित हैं। स्टेशन KIR-DNQ और KIR-MYN के बीच KK-1 व KM-2 रेल फाटक के स्थान पर दो लेन आरओबी बनाने की योजना है। इसके लिए 5.256 एकड़ जमीन चाहिए। KM-10 पर बनने वाला आरओबी लोहारी गांव को गरैला से जोड़ेगा, जिसके लिए 4.238 एकड़ भूमि की जरूरत है।

सलमारी और मुकुरिया के बीच KM-16 पर भी दो लेन आरओबी प्रस्तावित है। यहां 4.238 एकड़ जमीन चाहिए। मुकुरिया और आजमनगर के बीच NC-63 पर बनने वाला आरओबी पनिघट्टा से माहेशलट्टा जाने वाली सड़क को जोड़ेगा। इसके लिए 4.314 एकड़ जमीन चाहिए। SK-351 पर बनने वाला आरओबी बलरामपुर को तेलता-बगडोब से जोड़ेगा और इसके लिए 3.301 एकड़ जमीन की जरूरत है। वहीं KJ-5 पर दो लेन आरओबी के लिए 4.897 एकड़ जमीन चाहिए।

किशनगंज में छह परियोजनाएं

किशनगंज में SK-318 पर HWR-KNE के बीच आरओबी के लिए 3.489 एकड़ जमीन चाहिए। SK-262, SK-269 और SK-274 पर क्रमश: 3.674, 3.130 और 3.719 एकड़ जमीन की जरूरत है। ये आरओबी TKGF-AUB और TKG-AUB रेलखंड पर प्रस्तावित हैं। SK-258 और SK-247 पर भी दो लेन आरओबी की योजना है। इन दोनों के लिए विज्ञप्ति में भूमि का रकबा नहीं बताया गया है।

पूर्णिया और अररिया में भी सात-सात आरओबी

पूर्णिया में दो आरओबी प्रस्तावित हैं। KJ-18 पर बनने वाला आरओबी पूर्णिया जंक्शन-कसबा-कुड़ाची वे-साइड सेक्शन में होगा। इसके लिए 2.614 एकड़ जमीन चाहिए। KJ-33 पर प्रस्तावित आरओबी के लिए 5.035 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।

अररिया में सात आरओबी प्रस्तावित हैं। KJ-46 के लिए 6.854 एकड़, KJ-56 के लिए 4.157 एकड़, KJ-58 के लिए 4.254 एकड़, KJ-63 के लिए 4.246 एकड़, KJ-72 के लिए 5.542 एकड़, KJ-43 के लिए 4.458 एकड़ और KJ-69 के लिए 4.210 एकड़ जमीन चाहिए। ये आरओबी ARR-SMH, SMH-FBG, BTF-JBN, KSY-ARR और FBG-BTF रेलखंडों पर प्रस्तावित हैं।

मंत्री ने रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों को आपसी समन्वय से भू-अर्जन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा है। अब इन परियोजनाओं की गति इस बात पर निर्भर करेगी कि जमीन से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई कितनी जल्दी पूरी होती है।

ब्यूरो रिपोर्ट राजीव शर्मा