
पटना: किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसकी आंखें दो लोगों के जीवन में रोशनी भर सकती हैं, जबकि अंगदान कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकता है। इसी संदेश को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से रोटरी पटना मिड-टाउन ने गुरुवार को पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित ब्राइटसाइट आई हॉस्पिटल में नेत्रदान एवं अंगदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन क्लब की अध्यक्षा रोटेरियन डॉ. रंजना कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि “आई केयर फॉर ऑल” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। नेत्रदान और अंगदान के प्रति लोगों की सोच बदलने तथा अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने की जरूरत है।
मुख्य वक्ता स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO) के डॉ. अभिषेक रंजन ने कहा कि मृत्यु के बाद दान किए गए कॉर्निया से दो लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से परिवार के साथ अंगदान और नेत्रदान पर खुलकर चर्चा करने तथा सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की। वहीं डॉ. वीणा ने त्वचा दान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आग से गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज में यह जीवनरक्षक साबित होता है। डॉ. एकता ने अंग एवं ऊतक दान की प्रक्रिया और इसके सामाजिक महत्व की जानकारी दी तथा कहा कि एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों को नया जीवन दे सकता है।
समापन अवसर पर डॉ. रंजना कुमार ने कहा कि “अंगदान महादान” मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और समाज की भागीदारी से ही इस अभियान को व्यापक बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक रंजन, डॉ. वीणा और डॉ. एकता को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सचिव रोटेरियन प्रमेश कुमार ने सभी अतिथियों, ब्राइटसाइट आई हॉस्पिटल प्रबंधन और उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट अमित कुमार
