दानापुर। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड की गूंज अब सड़क से लेकर राजनीति तक पहुंच गई है। मंगलवार को सांसद पप्पू यादव दानापुर के गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट पहुंचे, जहां उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर न्याय की लड़ाई में हर स्तर पर साथ देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधिकारी की हत्या नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
सांसद ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने गिरफ्तार चालक का नार्को टेस्ट कराने और घटना के समय घटनास्थल के आसपास सक्रिय सभी मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि इतनी नृशंस वारदात को केवल एक व्यक्ति के जिम्मे मान लेना जल्दबाजी होगी। उन्होंने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, दो करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग की। साथ ही कहा कि इस मामले को संसद में भी उठाया जाएगा।

गौरतलब है कि 1 अगस्त की रात औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में डेहरी से पटना लौटने के दौरान विमल कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे बिहार के नगर निकाय अधिकारियों को झकझोर दिया। इसके विरोध में बिहार नगर सेवा संघ के आह्वान पर राज्यभर के कार्यपालक पदाधिकारी दानापुर पहुंचे और गोला रोड स्थित आवास के बाहर धरना देकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बाद में सभी ने सामूहिक अवकाश लेते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर दी।

हड़ताली अधिकारियों ने मांग रखी कि विमल कुमार के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए, मृतक के आश्रित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए, पत्नी को सरकारी नौकरी मिले तथा राज्य के सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को बॉडीगार्ड और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। बिहार नगर सेवा संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक राज्यभर के नगर निकायों में कार्यपालक पदाधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस कारण नगर निकायों के कई प्रशासनिक और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट