पटना। बिहार में फ्लैट और मकान खरीदने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि घर खरीदारों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और उनकी शिकायतों का समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेरा की पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाया जाए, ताकि लंबित मामलों की निगरानी आसान हो और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने रेरा को राज्य सरकार के डैशबोर्ड से जोड़ने का भी निर्देश दिया, जिससे हर मामले की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में प्रमोटर्स और डेवलपर्स के लिए नियम सरल और पारदर्शी होने चाहिए। इससे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और कारोबार का माहौल बेहतर होगा। हालांकि उन्होंने दोहराया कि इस पूरी व्यवस्था में सबसे पहली प्राथमिकता घर खरीदारों के अधिकार और उनकी सुरक्षा होगी।
बैठक में रेरा के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने बताया कि बिहार रेरा की कार्यप्रणाली को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह समेत रेरा के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट