
बेलदौर: जिस स्कूल की चारदीवारी बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही है, उसी निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आया है। बेलदौर प्रखंड की पचौत पंचायत स्थित मध्य विद्यालय भरना में चल रहे निर्माण कार्य में दो सगे भाइयों को ईंट-गारा ढोते देखा गया। उनकी पहचान भिखारी मंडल के पुत्र दिलखुश कुमार (15 वर्ष) और अरुण कुमार (14 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बच्चों ने बताया कि उन्हें मुखिया प्रतिनिधि ने 500 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर काम पर लगाया है।
हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगा है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि कार्य किस योजना और कितनी राशि से कराया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोहर कुमार ने कहा कि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे पहले दिघौन पंचायत के थलाहा गांव में भी नाला निर्माण में बाल मजदूर लगाए गए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोनों बच्चों को तत्काल मजदूरी से मुक्त कर स्कूल भेजा जाए, निर्माण कार्य की जांच कराई जाए तथा दोषी मुखिया प्रतिनिधि और ठेकेदार के खिलाफ बाल श्रम कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट सुदर्शन कुमार
