पटना। 22 जुलाई को पूरे देश में नेशनल फ्लैग एडॉप्शन डे के अवसर पर पटना में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए एक विशेष पहल की गई। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के पूर्व स्वयंसेवक एवं समाजसेवी सिद्धार्थ भारद्वाज ने पटना प्रमंडल आयुक्त आईएएस मयंक वारवाडे तथा मत्स्य विभाग के निदेशक आईएएस तुषार सिंगला को राष्ट्रीय ध्वज का प्रतीक चिन्ह भेंट कर तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने तिरंगे को पूरे उत्साह के साथ स्वीकार करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाने और देश की एकता-अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सिद्धार्थ भारद्वाज ने कहा कि 22 जुलाई 1947 भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली दिन है। इसी दिन संविधान सभा ने पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किए गए तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने का निर्णय लिया था। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में राष्ट्रीय ध्वज का प्रस्ताव रखा था, जिसमें ऊपर केसरिया, बीच में सफेद, नीचे गहरा हरा रंग तथा मध्य में अशोक चक्र को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की आजादी, बलिदान, एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है।
समाजसेवी सिद्धार्थ भारद्वाज लंबे समय से युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लैग एडॉप्शन डे केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि हर नागरिक के भीतर राष्ट्रप्रेम और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान जगाने का अवसर है। उन्होंने लोगों से तिरंगे की गरिमा बनाए रखने और आने वाली पीढ़ी को उसके इतिहास एवं महत्व से अवगत कराने की अपील की। उनके इस प्रयास को उपस्थित लोगों ने राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देने वाली प्रेरणादायक पहल बताया।

ब्यूरो रिपोर्ट