सड़क नहीं, रोजमर्रा की जिंदगी हुई बदहाल; दुकानों की बिक्री घटी, घरों में घुस रही धूल, बारिश में निकलना मुश्किल

पटना: न्यू बाइपास पर सरिस्ताबाद-सिपारा के बीच एलिवेटेड सड़क निर्माण अब सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले हजारों लोगों के लिए रोजमर्रा के जीवन का संकट बन गया है। करीब एक किलोमीटर का इलाका महीनों से धूल और कीचड़ की चपेट में है। सड़क किनारे रहने वाले परिवार, दुकानदार, मरीज, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और डायवर्सन के खराब रखरखाव ने पूरे इलाके का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बारिश होते ही डायवर्सन दलदल में बदल जाता है। सड़क पर जमा पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं धूप निकलते ही भारी वाहनों के गुजरने से उड़ने वाली धूल पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लेती है। धूल घरों, दुकानों, क्लीनिकों और होटलों के अंदर तक पहुंच रही है। लोगों को दिन में कई बार सफाई करनी पड़ रही है, लेकिन कुछ ही देर में फिर वही स्थिति बन जाती है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि खराब सड़क और धूल के कारण ग्राहक आने से बच रहे हैं। कारोबार पर सीधा असर पड़ा है और कई दुकानों की बिक्री आधी रह गई है। दूसरी ओर, बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। लोग खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने को मजबूर हैं, जिससे घरों में उमस और घुटन बढ़ गई है।
इलाके के लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी न तो डायवर्सन की समय पर मरम्मत करा रही है और न ही धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एलिवेटेड सड़क का निर्माण पूरा होने तक डायवर्सन को सुरक्षित और समतल बनाया जाए, नियमित मरम्मत कराई जाए तथा दिन में कई बार पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

रिपोर्ट अजीत कुमार