धमदाहा (पूर्णिया)। पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हरिपुर गांव में संचालित मिनी गन फैक्ट्री पर कोलकाता STF, बिहार STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण, मशीनें और अर्धनिर्मित पिस्तौल बरामद की हैं।
बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा पश्चिम बंगाल में हुई एक हाईप्रोफाइल हत्या की जांच के दौरान हुआ। जानकारी के अनुसार, 4 मई को पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार और भाजपा की जीत के दो दिन बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच के दौरान कोलकाता STF को बिहार के बक्सर जिले के दो शूटरों की जानकारी मिली। दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनके कॉल डिटेल्स से मुंगेर के एक चर्चित हथियार सप्लायर का नंबर मिला।
पुलिस ने जब उस सप्लायर को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में कई अहम सुराग मिले। इसी कड़ी को जोड़ते हुए कोलकाता STF ने बिहार STF को सूचना दी। जांच में पता चला कि धमदाहा थाना क्षेत्र के हरिपुर वार्ड संख्या-1 स्थित गब्बर राय और मिट्ठू कुमार के घर में अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है।
इसके बाद कोलकाता STF, बिहार STF और धमदाहा पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को हरिपुर गांव में छापेमारी की। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर चार लोगों को मौके से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपितों ने घर के अंदर बने बेसमेंट में मिनी गन फैक्ट्री चलाने की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर एक अन्य आरोपित सूरज कुमार को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों में हरिपुर निवासी मिट्ठू कुमार और गब्बर राय के अलावा मुंगेर जिले के गुलजार पोखर निवासी मो. अनवर खान, जेल बाजार निवासी मो. आफताब आलम तथा श्यामपुर निवासी सूरज कुमार शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 अर्धनिर्मित देशी पिस्तौल, खराद मशीन, ड्रिल मशीन, मिलिंग मशीन, बेस मशीन, लोहे के कटर, हेक्सा ब्लेड, 30 से अधिक एंड मिल बिट्स, हथौड़ा, छेनी, लोहे की प्लेट और एंगल समेत हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए। इसके अलावा छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तीन आरोपित मुंगेर जिले के रहने वाले हैं और वे हथियार निर्माण के प्रशिक्षित कारीगर बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि तैयार हथियारों की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।
मंगलवार को धमदाहा थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक ने पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी। इस दौरान डीएसपी संदीप गोल्डी, थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट संतोष कुमार