पटना जिले के पुनपुन प्रखंड अंतर्गत गौरीचक थाना क्षेत्र के बरावां पंचायत में अवैध मिट्टी खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दर्धा नदी के तटबंध को कमजोर करते हुए बीते एक महीने से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर मिट्टी की कटाई की जा रही है, लेकिन शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय समाजसेवी व शिकायतकर्ता धनंजय मधु ने इस मामले को लेकर जल संसाधन मंत्री, खनन मंत्री, खनन विभाग के प्रधान सचिव, जिला पदाधिकारी पटना और जिला खनन पदाधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बेलदारी टोला से जैतिपुर पुल तक तटबंध के आसपास पोकलेन मशीनों से खुदाई कर हाइवा ट्रकों के जरिए मिट्टी की ढुलाई की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, बरावां पंचायत पहले से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रहा है। दर्धा नदी के साथ-साथ पुनपुन और मोरमोर नदी का दबाव यहां बना रहता है। ऐसे में तटबंध से छेड़छाड़ होने पर बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। बेलदारी टोला, जैतिपुर, पटनपुरा, शेखपुरा, कंसारी और बरावां के किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर है, जो इस अवैध खनन से प्रभावित होने की आशंका है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 23 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया था, लेकिन 8 अप्रैल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार कार्यालय जाने के बावजूद अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित कर स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने जल्द हस्तक्षेप कर अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी आपदा से बचा जा सके।

अजीत कुमार की रिपोर्ट