
बिहटा।
बदलते दौर में शिक्षा की दिशा और दशा पर गंभीर चिंतन के बीच बिहटा के अमहरा स्थित एफडीडीआई पटना का सभागार एक महत्वपूर्ण संवाद का केंद्र बन गया। बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के रजत जयंती समारोह ने न केवल 25 वर्षों की यात्रा को याद किया, बल्कि भविष्य की शिक्षा नीति और उसके प्रभावों पर भी व्यापक चर्चा की।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पूर्व कुलपति डॉ. के. सी. सिन्हा, न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद, साहित्यकार डॉ. अनिल सुलभ, नगर परिषद अध्यक्ष प्रियंका कुमारी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। मंच पर शिक्षा, समाज और प्रशासन से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।
न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह समाज में समानता और न्याय स्थापित करने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने शिक्षा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्र निर्माण से भी जोड़ा।
एफडीडीआई के निदेशक नीरज कुमार ने छात्रों को समय के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों के साथ कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होनी चाहिए।
डॉ. अनिल सुलभ ने शिक्षा में व्यवहारिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे छात्रों की सोच में गहराई आती है और वे समाज की चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
पूर्व कुलपति डॉ. के. सी. सिन्हा ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और आत्मिक शांति का विकास करना है, जिससे वह जीवन की कठिनाइयों का सामना मजबूती से कर सके।
वहीं, कार्यक्रम का संचालन कर रहे राज्य समन्वयक डॉ. उदय कुमार सिंह ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य केवल स्कूलों का संचालन नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए एक मजबूत शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नई तकनीकों को जोड़ने की दिशा में और प्रभावी कदम उठाएगा।
समारोह के दौरान एसोसिएशन की अब तक की उपलब्धियों को साझा किया गया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्यामनंदन मिश्रा ने की।
इस मौके पर शिक्षा जगत के विशेषज्ञ, स्कूल संचालक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की असली नींव है।
ब्यूरो रिपोर्ट
