पालीगंज। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विस्थापित किए गए फल विक्रेताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। अपनी रोजी-रोटी बचाने की मांग को लेकर दर्जनों फल विक्रेता अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और एसडीओ चंदन कुमार से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई।
विक्रेताओं ने बताया कि पहले दुर्गा मंदिर के पास सड़क किनारे उनकी दुकानें अच्छी तरह चलती थीं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता था। लेकिन कुछ समय पूर्व प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर सभी दुकानें हटा दीं। इसके बाद मांग करने पर प्रशासन द्वारा सब्जी मंडी के पास महाराजगंज मुशहरी के बगल में राम जानकी मठ की जमीन पर दुकान लगाने की व्यवस्था की गई।

हालांकि, विक्रेताओं का कहना है कि नए स्थान पर ग्राहकों की आवाजाही नहीं होने के कारण उनकी फलें बिक नहीं पा रही हैं। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और कई बार फल सड़कर बर्बाद हो गए। स्थिति इतनी खराब हो गई कि उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे ठेले पर फल बेचने निकले, तो प्रशासन द्वारा उनके ठेले भी जब्त किए जाने लगे। इससे आक्रोशित होकर पालीगंज के सभी फल विक्रेताओं ने आपसी सहमति से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

हड़ताली विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें दुकानों के लिए उपयुक्त और ग्राहकों की पहुंच वाला स्थान नहीं दिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सड़क और नाले को छोड़कर नाले के किनारे ही उन्हें दुकान लगाने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे फिर से अपना व्यवसाय सुचारु रूप से चला सकें।

अशोक कुमार की रिपोर्ट