
पटना के संपतचक थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में दो सगे भाइयों की हत्या के बाद अब पूरा मामला 30 वर्षों से चल रहे जमीन विवाद के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है। यह सिर्फ एक शादी समारोह में हुई गोलीबारी नहीं, बल्कि लंबे समय से सुलग रहे विवाद की पृष्ठभूमि में घटित गंभीर आपराधिक घटना मानी जा रही है। परिजनों का आरोप है कि जिस जमीन को लेकर तीन दशक तक न्यायालय में मुकदमा चला और अंततः फैसला राजेश्वर राय उर्फ राजू राय के पक्ष में आया, उसी विवादित भूखंड पर जानबूझकर शादी के रिसेप्शन का आयोजन किया गया।
बताया जा रहा है कि करीब 30 वर्षों तक चले इस जमीन विवाद में कोर्ट ने राजू राय को कानूनी अधिकार दिया था। इसके बावजूद उसी जमीन पर दौलत राय ने अपने पुत्र विक्की के रिसेप्शन का टेंट लगवाया और बड़े स्तर पर समारोह आयोजित किया। परिजनों का कहना है कि जमीन को लेकर पहले से तनाव की स्थिति थी और इस तथ्य से सभी पक्ष अवगत थे। ऐसे में विवादित भूमि पर कार्यक्रम आयोजित किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
मृतकों के पिता राजू राय का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम को सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया। उनका कहना है कि परिवार को समारोह में आमंत्रित किया गया और इसी दौरान हमला कर उनके दो बेटों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि एक अन्य बेटा किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल सका। परिवार का दावा है कि जमीन विवाद को लेकर पूर्व में भी धमकियां दी गई थीं और सुरक्षा की मांग की गई थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
इस दोहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा है कि क्या विवादित जमीन पर रिसेप्शन का आयोजन महज संयोग था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी। यदि जमीन का कानूनी फैसला एक पक्ष के हक में था, तो फिर उसी भूखंड पर आयोजन कैसे हुआ और प्रशासनिक स्तर पर इसकी जानकारी या अनुमति को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई, यह भी जांच का विषय बन गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। जमीन विवाद, समारोह के आयोजन और हत्या की घटना के बीच संभावित संबंधों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या 30 साल पुराने विवाद की असली वजह इस खूनी वारदात से जुड़ी पाई जाती है।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
