पटना। राजधानी में बच्चा चोरी की अफवाह एक बार फिर हिंसा का कारण बन गई। गौरीचक और गोपालपुर थाना क्षेत्रों में दो अलग-अलग घटनाओं में लोगों की भीड़ ने संदिग्ध समझकर दो युवकों की जमकर पिटाई कर दी। समय रहते पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी मामले में बच्चा चोरी की पुष्टि नहीं हुई है और दोनों घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पहली घटना गौरीचक थाना क्षेत्र के फतेहपुर गया-पटना मुख्य मार्ग के पास हुई। जानकारी के अनुसार, स्कूलों के आसपास एक व्यक्ति को देर तक घूमते देख ग्रामीणों को संदेह हुआ। देखते ही देखते यह संदेह अफवाह में बदल गया और भीड़ ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसे बच्चा चोर बताकर मारपीट शुरू कर दी। संयोगवश उसी समय वहां से गुजर रहे परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक सह थाना अध्यक्ष विनय कुमार रंजन ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। घायल व्यक्ति को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संपतचक में भर्ती कराया गया। उसने खुद को असम का निवासी बताया है। पुलिस उसके इलाके में आने के उद्देश्य की जांच कर रही है।
दूसरी घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लाहचक में हुई। स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी के शक में एक युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर डायल 112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवक को भीड़ से छुड़ाया। घायल अवस्था में उसे पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। पूछताछ में युवक ने खुद को नेपाल का निवासी बताया, लेकिन इलाके में आने का स्पष्ट कारण नहीं बता सका। इस मामले में अब तक किसी ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
थाना अध्यक्ष विनय कुमार रंजन ने कहा कि अफवाह के आधार पर किसी के साथ मारपीट करना कानूनन अपराध है। बिना प्रमाण किसी को बच्चा चोर कहना या दंडित करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और कानून अपने हाथ में न लें। दोनों मामलों में आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।