
पटना के शाहपुर गांव में रिसेप्शन पार्टी के दौरान हुई गोलीबारी में दो सगे भाइयों—मनीष कुमार और मनजीत कुमार—की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस सनसनीखेज कांड में गोपालपुर थाना में कृष्णा राय सहित 20 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि घटना के 24 घंटे बाद भी किसी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की कई टीमें एसआईटी के साथ लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों मृतकों का शव परिजनों को सौंपा गया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पटना बाईपास के जगनपुरा मोड़ के पास सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक बाईपास पूरी तरह ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हजारों लोग जाम में फंसे रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। यातायात सामान्य कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

परिजनों का आरोप है कि जमीन विवाद में करीब 30 वर्ष बाद कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद भी कृष्णा राय लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी, लेकिन सुरक्षा नहीं दी गई। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो यह वारदात टल सकती थी।
घटना के दौरान मृतकों का तीसरा भाई रजनीश भी समारोह में मौजूद था। परिजनों का दावा है कि हमलावर उसे भी निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर निकल गया। अब परिवार को उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही है।
इधर, शाहपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। राजू राय के दोनों पुत्रों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बड़े बेटे मनीष कुमार शादीशुदा थे। उनकी पत्नी पिंकी देवी हैं, लेकिन उन्हें अभी संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था। घटना के बाद से पत्नी, बहन मनीषा देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का माहौल उस समय और भी गमगीन हो गया, जब दोनों भाइयों की अर्थी एक साथ उठी। महिलाओं की चीत्कार और नम आंखों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
पुलिस ने दावा किया है कि सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। इधर ग्रामीण न्याय की मांग पर अड़े हैं और पूरे इलाके में दहशत व आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
