
धमदाहा/पूर्णिया।
राजघाट गरैल पंचायत में जनप्रतिनिधियों के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पंचायत के उप मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य एवं कई वार्ड सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रकाश कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार को लिखित आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आवेदन देने वालों में उप मुखिया वीरेंद्र दास, पंचायत समिति सदस्य रंभा देवी, सरपंच सहित वार्ड सदस्य शिवकुमार, दिनेश महतो, सुलेमान पासवान, विपिन कुमार रजक और ज्योति कुमारी शामिल हैं। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि बीते लगभग तीन वर्षों से पंचायत में एक भी औपचारिक बैठक आयोजित नहीं की गई, इसके बावजूद वार्ड संख्या 02 में आशा कार्यकर्ता की बहाली फर्जी आमसभा दिखाकर कर दी गई।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत भवन में आग लगने की घटना के बाद जब सरकारी कर्मियों से बाल्टी एवं अन्य सामग्री की खरीद को लेकर पूछताछ की गई, तब एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आरोप है कि पंचायत में मुखिया के नाम पर लगातार फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी भुगतान किया जा रहा था।
मामले को गंभीर बताते हुए जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि जब तक पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पंचायत के सभी विकास कार्यों पर रोक लगाई जाए।
वहीं इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट संतोष सिंह
