
पटना।
पैसे लेकर फरार हुए आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने से आक्रोशित जीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सोमवार को गोपालपुर थाना परिसर में जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं और उनके परिजन थाना पहुंचे और पुलिस पर मामले को जानबूझकर लटकाने का आरोप लगाया।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वर्ष 2022–23 में एक व्यक्ति द्वारा जमा योजना के नाम पर जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं से लाखों रुपये वसूले गए थे। बाद में आरोपी घर बेचकर फरार हो गया। हाल ही में आरोपी के पकड़े जाने की सूचना मिलने पर महिलाएं न्याय की उम्मीद लेकर थाना पहुंचीं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
महिलाओं का आरोप है कि पुलिस पहले यह कहकर टालती रही कि मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है और उन्हें गौरीचक थाना जाने की सलाह दी गई। काफी हंगामे और दबाव के बाद आवेदन लेने की बात तो कही गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से महिलाओं का आक्रोश और बढ़ गया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि किसी से एक लाख रुपये तो किसी से तीन लाख रुपये तक की ठगी हुई है। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं के लिए यह बड़ी रकम है। पैसे की रिकवरी नहीं होने और कानूनी कार्रवाई में हो रही देरी के कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
हंगामे के दौरान कुछ देर के लिए थाना परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस संबंध में गोपालपुर थाना अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि जीविका समूह के साथ रहने वाली एक महिला ही हेड बनकर पैसे जमा करती थी। थाना अध्यक्ष के अनुसार, संबंधित महिला का कहना है कि उसका घर तक नीलाम हो चुका है और उसके पास कुछ भी शेष नहीं है। ऐसे में पीड़ित महिलाओं को न्यायालय का सहारा लेने की सलाह दी गई है।
ब्यूरो रिपोर्ट अजीत कुमार
