फुलवारी शरीफ।
कुरथौल पंचायत अंतर्गत लालू पथ से यादव चक रोड पिछले करीब 25 दिनों से नाले के गंदे और बदबूदार पानी में डूबी हुई है। सड़क पर फैले जलजमाव के कारण इलाके का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात ऐसे हैं कि यह सड़क अब सड़क कम और बहता नाला अधिक नजर आने लगी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे बने नाले का चैंबर धंस गया है, जबकि आगे नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इसी वजह से नाले के पानी की निकासी बंद हो गई है और सारा गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। बदबू और कीचड़ के कारण राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
निवासियों का कहना है कि यदि अधूरे नाले को आगे बढ़ाकर सामने स्थित पइन में जोड़ दिया जाए, तो पूरे इलाके के पानी की निकासी आसानी से हो सकती है। लेकिन निर्माण एजेंसी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इलाके के अजीत कुमार, मगनी सिंह, माधुरी देवी, गीता देवी, मनोज सिंह, प्रद्युम्न कुमार, गंगा साव, साजन कुमार, सिद्धेश्वर प्रसाद, सुनील कुमार, आलोक कुमार समेत अन्य लोगों ने बताया कि सड़क पर नाले का पानी बहने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मजबूरी में उसी गंदे पानी से होकर आना-जाना करना पड़ रहा है। कई बार बच्चे और महिलाएं फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उन्हें चोटें भी आई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों के कपड़े रोज खराब हो जाते हैं और बदबूदार पानी के संपर्क में रहने से संक्रमण व बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि लालू पथ पर साहिल कैटरिंग एंड सर्विसिंग, अनन्या साइबर कैफे समेत कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, लेकिन जलजमाव और दुर्गंध के कारण ग्राहक आने से कतराने लगे हैं। इससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है और दुकानदारों को रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर विधायक, मुखिया सहित सभी जनप्रतिनिधियों और नाला-सड़क निर्माण एजेंसी को कई बार अवगत कराया गया। एजेंसी के कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो धंसे चैंबर की मरम्मत कराई गई और न ही अधूरे नाले का निर्माण पूरा किया गया।
शहर के बीचों-बीच स्थित इस इलाके की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर बड़े-बड़े अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण लोग नाले के गंदे पानी में चलने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब अधूरे नाले का निर्माण पूरा कराया जाए, धंसे हुए चैंबर की मरम्मत कराई जाए और पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को जलजमाव, बदबू और बीमारियों से राहत मिल सके और इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।

ब्यूरो रिपोर्ट अजीत कुमार