पटना।
फुलवारी शरीफ नगर परिषद क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर अगवा कर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में वार्ड संख्या 10 के एक वर्तमान वार्ड पार्षद सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि वार्ड पार्षद ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए घटना से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित पत्रकार सह फोटोग्राफर सुधीर कुमार ने फुलवारी शरीफ थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बताया है कि बुधवार शाम करीब 7:15 बजे वह खोजा इमली स्थित पाल स्वीट्स के पास खड़े थे। इसी दौरान काले रंग के एक लग्जरी चार पहिया वाहन में सवार कुछ लोगों ने उन्हें जबरन वाहन में बैठा लिया। आरोप है कि वाहन के अंदर ही उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ित का कहना है कि बदमाश उन्हें लगभग पांच किलोमीटर दूर बाइपास स्थित तेज प्रताप नगर के पास ले जाकर छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह जान बचाकर लौटने के बाद उन्होंने थाना पहुंचकर वार्ड संख्या 10 के वार्ड पार्षद हरे राम सिंह, उनके पुत्र, पुत्र के मित्र सहित अन्य लोगों पर घटना की साजिश रचने और मारपीट कराने का आरोप लगाया है।
सुधीर कुमार ने यह भी बताया कि वह पिछले नगर परिषद चुनाव में उपसभापति पद के उम्मीदवार रह चुके हैं और इस बार वार्ड संख्या 10 से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इसी को लेकर उनके खिलाफ साजिश रची गई।
वहीं, इस पूरे मामले पर वार्ड संख्या 10 के वार्ड पार्षद हरे राम सिंह ने कहा कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
इधर, फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष मोहम्मद गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि पत्रकार द्वारा अगवा करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में एक काले रंग का चार पहिया वाहन दिखाई दिया है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा हुआ नजर आ रहा है। हालांकि अंधेरा और रोशनी के कारण वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं हो सका है। अन्य मार्गों पर लगे कैमरों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अजीत कुमार की रिपोर्ट