आरा (भोजपुर): पीर बाबा मोड़ स्थित जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलबीसी) की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक एसएलबीसी के निर्देशानुसार हुई, जिसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) हिना ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत ऋण स्वीकृति व वितरण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए 12 मार्च को शिविर आयोजित किया जाना है। इससे पहले सभी बैंक अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ऋण स्वीकृत कर उसका वितरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) की प्रगति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। साथ ही जिले में कम सीडी रेशियो पर चिंता व्यक्त करते हुए बैंकर्स को इसे बढ़ाने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक नीरज कुमार ने केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) पर विशेष फोकस करने और सीडी रेशियो में सुधार लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाओं को इस दिशा में सक्रिय प्रयास करना होगा, तभी अपेक्षित प्रगति संभव है।
वहीं आरबीआई के एलडीओ अमित गुप्त ने निष्क्रिय खातों (डीईएफ अकाउंट) और री-केवाईसी की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने बैंक शाखाओं को इसके लिए विशेष कैंप आयोजित करने का सुझाव दिया।
बैठक में नाबार्ड के डीडीएम भोला प्रसाद सिंह, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक निखिल कश्यप, आरसेटी निदेशक रमेश कुमार त्रिपाठी समेत सभी बैंकों के डीसीओ और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।

ब्यूरो रिपोर्ट अनील त्रिपाठी