फुलवारीशरीफ। नगर परिषद चुनाव की आहट के साथ फुलवारीशरीफ की सियासत में बयानबाजी का पारा चढ़ गया है। विकास कार्यों पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं पर नगर परिषद अध्यक्ष मोहम्मद आफ़ताब आलम ने ऐसा पलटवार किया कि राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने साफ कहा कि “जो लोग प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चेयरमैन बनने का सपना देख रहे हैं, वे पहले अपने वार्ड और मोहल्ले का भरोसा तो जीत लें।”
आफ़ताब आलम ने दावा किया कि जिन नेताओं ने उन पर सवाल उठाए हैं, वे चुनाव में बुरी तरह हार चुके हैं। उन्होंने कहा कि “किसी को चार हजार वोट मिले, किसी को दो हजार। जो अपनी गली का दिल नहीं जीत पाए, वे 38 वार्डों की जनता का दिल जीतने की बात कर रहे हैं।”
ताबिस हसनैन पर तीखा हमला करते हुए आलम ने कहा कि वे विदेश में रहे, वहीं पढ़े और “पढ़ते-पढ़ते पागल हो गए थे, वहां इलाज भी कराया गया लेकिन ठीक नहीं हुए।” उन्होंने यह भी कहा कि विदेश के कानून और व्यवस्था की बात करने वालों को फुलवारीशरीफ की जमीन और यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था की समझ नहीं है। वहीं सैयद तस्नीम रिज़वी पर कटाक्ष करते हुए बोले, “घर में एसी में बैठने से विकास नहीं दिखता, बाहर निकलेंगे तभी सड़क, लाइट और नालियां नजर आएंगी।”
अध्यक्ष ने कहा कि फुलवारीशरीफ में गली-गली सड़क, स्ट्रीट लाइट, मास्टर लाइट, जल निकासी और अन्य विकास कार्य हुए हैं। उर्स, दशहरा, छठ, ईद और होली जैसे हर पर्व में वे जनता के बीच मौजूद रहते हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं को “चुनावी मेंढक” बताते हुए कहा कि चुनाव आते ही ऐसे लोग बाहर निकलते हैं और मीडिया में बयान देकर पहचान बनाने की कोशिश करते हैं।
आफ़ताब आलम ने कहा कि फुलवारीशरीफ उनकी कर्मभूमि ही नहीं, परिवार है। वे यहीं पैदा हुए, यहीं पढ़े और वर्षों से सामाजिक कार्य कर रहे हैं। जनता उनके हर काम पर नजर रखती है और यही कारण है कि बार-बार उन्हें समर्थन मिलता रहा है। उन्होंने दावा किया कि “फुलवारीशरीफ की जनता तूफान और आंधी की तरह है, उसमें विपक्ष की पहचान उड़ जाएगी।”
भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों के लिए मास्टर प्लान तैयार है। बच्चों के लिए आधुनिक लाइब्रेरी भवन, छठ घाटों का विकास, नए वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और हर वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर काम होगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि फुलवारीशरीफ को बिहार का अव्वल नगर क्षेत्र बनाना है।
फिलहाल, फुलवारीशरीफ की सियासत में विकास का मुद्दा पीछे और जुबानी जंग आगे नजर आ रही है। चुनाव से पहले यह बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट