पटना के एम्स में इलाज के दौरान एक मरीज के परिजन द्वारा किए गए हंगामे ने अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मामला 20 मई की रात का है, जब एआईबी वार्ड में भर्ती 66 वर्षीय अरुण कुमार यादव की हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने के लिए सीपीआर समेत जरूरी उपचार में जुटी थी। इसी दौरान मरीज का 19 वर्षीय परिजन निखिल राव कथित रूप से जबरन वार्ड में घुस गया और इलाज कर रहे डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा।
एम्स प्रशासन का आरोप है कि युवक ने न केवल स्वास्थ्यकर्मियों को धमकाया, बल्कि इलाज की प्रक्रिया में भी बाधा पहुंचाई। हंगामे के दौरान यूएसजी मशीन, क्रैश कार्ट, ड्रेसिंग ट्रॉली और पोर्टेबल पल्स ऑक्सीमीटर जैसी सरकारी चिकित्सा उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। इससे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
घटना की सूचना मिलते ही एम्स की क्यूआरटी टीम और फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। एम्स के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राज कुमार जालान के आवेदन पर फुलवारी शरीफ थाना में कांड संख्या 958/26 दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।

रिपोर्ट अजीत कुमार