पटना। राजधानी पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र में किन्नर समुदाय के लोगों पर हुए कथित हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात घर लौट रहे किन्नरों के एक समूह पर करीब 20 युवकों द्वारा हमला किए जाने, मारपीट करने और सोने के आभूषण व मोबाइल फोन लूट लेने का मामला सामने आया है। घटना के बाद किन्नर समुदाय में आक्रोश है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 31 मई की रात लगभग 11:45 बजे किन्नरों का एक समूह कार्यक्रम से लौट रहा था। रास्ते में बेलदारीचक स्थित नव्या हॉस्पिटल के पास वे चाय पीने के लिए रुके थे। इसी दौरान अचानक बड़ी संख्या में युवक वहां पहुंचे और समूह को घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले नैना नामक किन्नर के साथ मारपीट शुरू की।
जब अन्य साथियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो हमलावरों ने सिमरन राणा, डॉली और रिया को भी निशाना बनाया। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों के हाथ में लाठी और फरसा जैसे हथियार थे, जिससे हमला और भी भयावह हो गया। मारपीट में कई लोग घायल हो गए, जबकि सिमरन राणा बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं।
सिमरन राणा के अनुसार, हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनके गले से सोने की चेन, कान के आभूषण और अन्य कीमती सामान छीन लिए। साथ ही मोबाइल फोन भी लूट लिए गए तथा दो मोबाइल फोन तोड़ दिए गए। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायल सिमरन राणा को उनके साथियों ने इलाज के लिए एनएमसीएच में भर्ती कराया। उपचार के बाद उन्होंने 3 जून को गौरीचक थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। सिमरन ने बताया कि वह कई वर्षों से देवकुली इलाके में रह रही हैं, लेकिन उनके साथ इस तरह की घटना पहली बार हुई है।
पुलिस ने पीड़िता के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपितों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद किन्नर समुदाय में भय और नाराजगी का माहौल है। समुदाय के लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने, आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट अजीत कुमार