आरा (भोजपुर): देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित हो चुका है। इस परीक्षा में कुल 958 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनमें अनुज अग्निहोत्री ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं बिहार के भोजपुर जिले की बेटी आकांक्षा सिंह ने 301वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।
भोजपुर जिले के खोपिरा गांव की रहने वाली आकांक्षा सिंह, ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ मुखियाजी की पोती हैं, जो कभी रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे थे। आकांक्षा के पिता इंदु भूषण सिंह और माता रिंकू देवी हैं। आकांक्षा की इस सफलता से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे भोजपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग उन्हें बधाई देने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।
दादा का अधूरा सपना किया पूरा
आकांक्षा सिंह ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ मुखियाजी का सपना था कि उनके परिवार से कोई बच्चा यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सेवा करे। उन्होंने हमेशा अपने परिवार के बच्चों को बड़ी पढ़ाई करने और प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया। आकांक्षा ने अपनी मेहनत और लगन से दादा के उसी अधूरे सपने को पूरा कर दिखाया है।
रोजाना 8–10 घंटे पढ़ाई कर हासिल की सफलता
आकांक्षा सिंह ने बताया कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास करने के लिए उन्होंने लगातार अनुशासन के साथ पढ़ाई की। वह रोजाना 8 से 10 घंटे तक पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करती थीं। कठिन परिश्रम, धैर्य और परिवार के सहयोग के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि अब भोजपुर जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
आरा से शुरू हुआ शिक्षा का सफर
आकांक्षा सिंह की प्रारंभिक शिक्षा भोजपुर के आरा स्थित कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने एचडी जैन कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही वह पढ़ाई में अव्वल रही हैं और उनका लक्ष्य शुरू से ही यूपीएससी परीक्षा पास करना था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर हासिल कर लिया।
इंटरव्यू में भोजपुर से जुड़े सवाल
यूपीएससी इंटरव्यू के दौरान आकांक्षा से भोजपुर जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। इंटरव्यू बोर्ड ने हाल ही में घोषित पद्मश्री पुरस्कार और भोजपुर के प्रसिद्ध लोकगायक भरत सिंह भारती से जुड़े सवाल भी पूछे। आकांक्षा ने इन सभी प्रश्नों का जवाब आत्मविश्वास और सहजता के साथ दिया, जिससे इंटरव्यू बोर्ड भी प्रभावित हुआ।
आगे IFS में जाने का लक्ष्य
आकांक्षा सिंह ने कहा कि यूपीएससी परीक्षा में सफलता मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जाकर देश का प्रतिनिधित्व करना है। इसके लिए वह आगे भी अपनी तैयारी जारी रखेंगी।
आकांक्षा सिंह की इस सफलता से भोजपुर जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि अगर लगन और मेहनत सच्ची हो तो छोटे शहरों के सपने भी देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट अनील त्रिपाठी