दानापुर।  10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस पर बिहार रेजिमेंट केंद्र के ऐतिहासिक कलिंगा स्टेडियम में देशभक्ति और सम्मान का माहौल था। बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्र से 2000 से अधिक पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ इस अवसर पर एकत्र हुए। कार्यक्रम की शुरुआत वीर स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि देने से हुई, जहां उपस्थित सभी ने अपने बहादुर साथियों को नमन किया।


मुख्य अतिथि राज्यपाल ने सैनिकों की मातृभूमि के प्रति निस्वार्थ सेवा और बलिदान की सराहना करते हुए उनके योगदान को याद किया। सेवा के दौरान विकलांग हुए चार पूर्व सैनिकों को मॉडिफाइड इलेक्ट्रिक स्कूटर देकर सम्मानित किया गया। साथ ही 20 वीरांगनाओं को 21,000 रुपये की वित्तीय सहायता और शॉल प्रदान की गई। मध्य कमान के जीओसी-इन-सी ने विशिष्ट सामाजिक सेवा के लिए पूर्व सैनिकों को सम्मान पदक प्रदान किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य देखभाल, पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। ‘नमत्वम्’ केंद्र के माध्यम से पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को एक ही छत के नीचे पेंशन, ईसीएचएस, सीएसडी, स्पर्श और अन्य सेवाओं का लाभ मिलेगा, जबकि ‘नमन’ कॉमन सर्विस सेंटर से बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और ई-गवर्नेंस सेवाओं का आसान और निःशुल्क समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।

पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर देते हुए बताया गया कि उनका आदर्श वाक्य “देश सदैव सर्व प्रथम” उन्हें हर चुनौती का सामना निडर होकर करने के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम का समापन बिहार रेजिमेंट सेंटर के मिलिट्री म्यूजिक बैंड द्वारा राष्ट्रगान की धुन के साथ हुआ, जिसने सभी में गर्व और भावनात्मक जोश भर दिया।

ब्यूरो रिपोर्ट