फुलवारी शरीफ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीण महिलाओं एवं आशा कार्यकर्ताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को सुदृढ़ करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
प्रशिक्षण के दौरान गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जीवन के प्रथम सुनहरे 1000 दिनों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही एमसीपी कार्ड के सही उपयोग, शिशु विकास के विभिन्न चरण, बच्चों के उचित लालन-पालन, विकासात्मक विलम्ब की पहचान, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं और ग्रामीण महिलाओं से अपील की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करें और जरूरतमंद परिवारों तक सही एवं उपयोगी स्वास्थ्य संदेश पहुंचाएं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित रहे। वहीं गजाला साहिन, अभिनित श्रीवास्तव, सुजाता कुमारी, पुष्पा कुमारी, मुनीरा प्रवीण, रीता कुमारी, अफसाना कुमारी एवं आशा कुमारी सहित कई आशा कार्यकर्ताओं और ग्रामीण महिलाओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी हुई।

अजीत कुमार की रिपोर्ट