
पटना। संपतचक प्रखंड में भाकपा माले के दो वरिष्ठ और संघर्षशील नेताओं के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पार्टी और जन आंदोलनों से लंबे समय तक जुड़े कामरेड छेछन राम और कामरेड कपिल देव मांझी का निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
भाकपा माले के वरिष्ठ नेता कामरेड छेछन राम, ग्राम बैरिया, थाना गोपालपुर, जिला पटना के निवासी थे। वे 1980 के दशक में नक्सलबाड़ी आंदोलन से जुड़े रहे और संपतचक व फुलवारी प्रखंड में भूमिगत और खुले दोनों दौर में गरीबों, मजदूरों और किसानों को संगठित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। 7 जनवरी 2026 की दोपहर बैरिया इलाके में सड़क पार करते समय एक चार पहिया वाहन की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार 9 जनवरी 2026 की सुबह उनका निधन हो गया।
दूसरी ओर, कामरेड कपिल देव मांझी, हंडेर गांव निवासी और गोपालपुर संपतचक पंचायत लोकल कमिटी के सदस्य, 75 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गए। वे भी वर्षों तक पार्टी से जुड़े रहे और गरीब, मजदूर और किसानों की आवाज बने।
दोनों नेताओं के निधन पर संपतचक प्रखंड कमेटी भाकपा माले की ओर से गहरी शोक संवेदना व्यक्त की गई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि कामरेड छेछन राम और कामरेड कपिल देव मांझी का पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और जनप्रतिबद्धता की मिसाल रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने लाल सलाम देते हुए उनके संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
