पटना से प्रशासनिक गलियारों में बड़ी हलचल की तस्वीर उभरकर सामने आई है। बिहार सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों का बड़ा फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 09 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के तहत कुल 23 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इस फेरबदल की शुरुआत राजधानी पटना से जुड़े अहम पदों से होती है, जो सरकार की प्राथमिकताओं को साफ दर्शाती है।
पटना जिला परिषद के उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रहे 2019 बैच के IAS अधिकारी समीर सौरभ को स्थानांतरित कर राज्य के प्रमुख दुग्ध संघ कम्फेड, पटना का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। यह पद संयुक्त सचिव स्तर के समकक्ष होगा। वहीं, नालंदा नगर निगम के नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा (2019) को मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें बिहार विकास मिशन में अपर निदेशक-सह-मिशन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
शहरी प्रशासन में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। अभिषेक पलासिया (2020) को गया नगर निगम, कुमार निशांत विवेक (2020) को बिहार शरीफ नगर निगम, पार्थ गुप्ता (2022) को मुंगेर, आशीष कुमार (2022) को मोतिहारी, किसलय कुशवाहा (2022) को भागलपुर तथा ऋतुराज प्रताप सिंह (2022) को मुजफ्फरपुर नगर निगम का नया नगर आयुक्त बनाया गया है।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए जिला परिषदों में नए उप विकास आयुक्तों की तैनाती की गई है। श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर (2020) को पटना, शुभम कुमार (2021) को नालंदा, सूर्य प्रताप सिंह (2021) को समस्तीपुर, लक्ष्मण तिवारी (2021) को सारण, गौरव कुमार (2022) को गोपालगंज एवं सहरसा, काजले वैभव नितिन (2022) को पश्चिम चंपारण, दिव्या शक्ति (2022) को कैमूर तथा श्वेता भारती (2022) को खगड़िया का उप विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है।
अनुमंडल स्तर पर भी युवा अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। गरिमा लोहिया (2023) को पालीगंज से बाढ़, अनिरुद्ध पांडेय (2023) को मोहनिया से दानापुर, कृतिका मिश्रा (2023) को गोगरी से पटना सदर, आकांक्षा आनंद (2023) को बारसोई से मुजफ्फरपुर (पश्चिम) तथा रोहित कर्दम (2023) को शेखपुरा से नौगछिया का अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है। इन सभी अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की गई हैं।
कुल मिलाकर, सरकार का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य में प्रशासनिक दक्षता, शहरी-ग्रामीण संतुलन और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ब्यूरो रिपोर्ट