
बिहटा: बेकार समझी जाने वाली प्लास्टिक की बोतलें, कार्डबोर्ड, पुराने डिब्बे और अन्य अनुपयोगी सामान जब बच्चों के हाथों में पहुंचे तो वे आकर्षक मॉडल और कलाकृतियों में बदल गए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से बिहटा पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को आयोजित “वेस्ट मैटेरियल प्रतियोगिता” में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच और नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कचरा भी सही सोच और रचनात्मकता से उपयोगी संसाधन बन सकता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदय कुमार सिंह एवं निदेशक सोनी सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने वेस्ट मैटेरियल से घर की सजावट की वस्तुएं, उपयोगी मॉडल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न आकर्षक प्रोजेक्ट तैयार कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
प्राचार्य डॉ. उदय कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं केवल प्रतिभा दिखाने का मंच नहीं होतीं, बल्कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, नवाचार और संसाधनों के सदुपयोग की सोच विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी जरूरत है और बच्चों को बचपन से ही ‘रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल’ की भावना से जोड़ना आवश्यक है। वहीं विद्यालय की निदेशक सोनी सिंह ने कहा कि बच्चों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय समय-समय पर इस तरह के आयोजन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया कि अनुपयोगी वस्तुएं भी नई सोच के साथ उपयोगी और आकर्षक बन सकती हैं।
प्रतियोगिता में कक्षा 4 से 6 वर्ग में आश्विन ग्रुप एवं सहर्ष सोन ने प्रथम, तान्या ग्रुप ने द्वितीय तथा दीपिका ग्रुप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 8 से 10 वर्ग में ऋचा ग्रुप प्रथम, संतोषी ग्रुप द्वितीय और आदित्य ग्रुप तृतीय स्थान पर रहे। विजेता प्रतिभागियों को प्राचार्य और निदेशक ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
प्रतियोगिता की निर्णायक शिक्षिका करिश्मा सिंह रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में वीर बहादुर सिंह, सुषमा कुमारी, यशोदा कुमारी, सदानंद सिंह सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में प्राचार्य डॉ. उदय कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट निशांत कुमार
