बिहटा (पटना)। पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुक्रवार सुबह गांव के बधार स्थित खेत की बोरिंग के पास संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव मिलने के बाद मचे बवाल के बीच अब घटना के 36 घंटे बाद मृतक के पुत्र सोनल कुमार ने बिहटा थाने में छह नामजद एवं अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर में जमीन विवाद को हत्या की प्रमुख वजह बताया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अनुसंधान कर रही है।


शुक्रवार सुबह मिला था शव, पांच घंटे तक रहा सड़क जाम

शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने राघोपुर गांव के बधार में खेत की बोरिंग के पास संजय यादव का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। बिहटा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया तथा एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बिहटा मुख्य मार्ग पर आगजनी कर सड़क जाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हत्या के आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

एसपी पहुंचे, एसआईटी का हुआ गठन

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटना पश्चिम के सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। शव का पोस्टमार्टम एम्स पटना में कराया गया। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का अभी अंतिम रूप से खुलासा नहीं हुआ है और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हर बिंदु की जांच की जा रही है।

बेटे ने छह लोगों को किया नामजद

घटना के 36 घंटे बाद मृतक के पुत्र सोनल कुमार ने बिहटा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता राजनीति के साथ-साथ जमीन के कारोबार से भी जुड़े थे, जिसके कारण कई लोगों से विवाद चल रहा था। उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और इसी वजह से वह अक्सर घर से बाहर रहते थे।

एफआईआर में अल्हनपुरा निवासी गुड्डू यादव, बिशनपुरा निवासी रविराज सिंह, बिहटा निवासी मनीष सिंह तथा राघोपुर निवासी करुणा शंकर मिश्रा, भोला मिश्रा और प्रभा शंकर मिश्रा को नामजद किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभी ने मिलकर साजिश के तहत हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

कोर्ट में सरेंडर की थी तैयारी

सोनल कुमार के अनुसार, घटना से एक रात पहले उनकी पिता से बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह अगले दिन दानापुर कोर्ट में सरेंडर करने वाले हैं और इसी सिलसिले में गांव लौट रहे थे। रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित थे। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों से सूचना मिली कि उनका शव बधार में पड़ा है। परिजनों का दावा है कि शव पर सुई जैसे निशान भी थे, जिससे उन्हें आशंका है कि हत्या कहीं और कर शव को वहां फेंका गया।


पप्पू यादव पहुंचे, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को राघोपुर गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक एवं स्थानीय थानाध्यक्ष से दूरभाष पर बात कर मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भूमाफियाओं का प्रभाव बढ़ने से इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति न्यायालय में आत्मसमर्पण करने जा रहा था तो उससे पहले उसकी हत्या बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


शनिवार शाम मीसा भारती ने भी परिजनों से की मुलाकात

शनिवार शाम पाटलिपुत्र सांसद मीसा भारती भी राघोपुर गांव स्थित पूर्व मुखिया के पैतृक आवास पहुंचीं। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाना चाहिए।

कई आपराधिक मामले भी थे दर्ज

पुलिस के अनुसार, संजय कुमार यादव के विरुद्ध बिहटा थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई मामलों में फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि, जमीन विवाद, व्यक्तिगत रंजिश तथा अन्य संभावित कारणों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट निशांत कुमार