
बिहटा। पटना जिले के बिहटा प्रखंड अंतर्गत नेऊरा को अलग प्रखंड बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। रविवार को नेऊरा बाजार स्थित नेऊरा प्रखंड निर्माण संघर्ष मोर्चा के कार्यालय में आयोजित बैठक में आंदोलन को धार देने और आगामी रणनीति तय करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि “एक ही मांग, एक ही नारा – नेऊरा प्रखंड बने हमारा” और इस लक्ष्य को हासिल करने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद ने कहा कि नेऊरा को प्रखंड बनाने की मांग तीन दशक से अधिक पुरानी है। वर्ष 1990-92 से लगातार क्षेत्र के लोग इस मुद्दे को उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में इस मांग को लेकर जनसमर्थन लगातार बढ़ा है और अब इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। बैठक में आंदोलन के अगले चरण, जनसंपर्क अभियान और विभिन्न पंचायतों में लोगों को जोड़ने की रणनीति पर सहमति बनी।

मोर्चा का कहना है कि वर्तमान में नेऊरा, बिहटा प्रखंड के अंतर्गत आता है और प्रखंड मुख्यालय करीब 12 किलोमीटर दूर होने के कारण आम लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित नेऊरा प्रखंड में नेऊरा, मखदुमपुर, बेला, श्रीचंदपुर, सराय, बलुआ, हथियाकांध, सरारी, मैनपुर अन्दा, रामपुर फरीदपुर, गोनवां और अजवां समेत कुल 12 पंचायतों को शामिल करने का प्रस्ताव है। मोर्चा का दावा है कि नया प्रखंड बनने पर अधिकांश पंचायतों की दूरी प्रखंड मुख्यालय से महज तीन से चार किलोमीटर रह जाएगी, जिससे प्रशासनिक सेवाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
बैठक में यह भी याद दिलाया गया कि इसी वर्ष अप्रैल में संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर नेऊरा को प्रखंड बनाने की मांग का ज्ञापन सौंपा था। उस दौरान सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला था, जिसके बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी थी। हालांकि अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होने से आंदोलन को फिर गति देने का निर्णय लिया गया है।
मोर्चा का कहना है कि नेऊरा प्रखंड गठन के अधिकांश मानकों को पहले से पूरा करता है। यहां थाना, रेलवे स्टेशन, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्लस-टू विद्यालय, उपडाकघर, बैंक, आयुर्वेदिक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पावर सबस्टेशन तथा बेहतर सड़क और यातायात की सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही 26 पंचायतों वाला बिहटा प्रखंड जिले के सबसे बड़े प्रखंडों में शामिल है, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर अतिरिक्त दबाव रहता है।
बैठक में संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद, उपाध्यक्ष दाताराम गुप्ता, सचिव सरयू प्रसाद, नेऊरा पंचायत के सरपंच मोहम्मद शमीम, सामाजिक कार्यकर्ता सुदेश्वर यादव, सुधीर तथा युवा नेता संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने क्षेत्रवासियों से आंदोलन में सहयोग और समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि नेऊरा को प्रखंड का दर्जा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट निशांत कुमार
