पटना से एक बार फिर प्रशासनिक हलचल की बड़ी खबर सामने आई है। नीतीश कुमार सरकार ने 9 जनवरी को पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल करते हुए 71 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस बड़े प्रशासनिक कदम में पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध और मद्य निषेध जैसे अहम क्षेत्रों को और मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है।
सबसे पहले पुलिस मुख्यालय की बात करें तो सुनील कुमार को अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मुख्यालय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कोसी क्षेत्र के आईजी रहे मनोज कुमार को अब पुलिस मुख्यालय का महानिरीक्षक बनाया गया है। वरिष्ठ अधिकारी प्रीता वर्मा को पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) के पद से हटाकर बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड का महानिदेशक सह अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। एडीजी कुंदन कृष्णन को पुलिस महानिदेशक (अभियान) बनाया गया है और उनके पास विशेष शाखा के डीजी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
संगठनात्मक इकाइयों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। आर. मलार विजी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के एडीजी का अतिरिक्त प्रभार मिला है। कमजोर वर्ग के एडीजी रहे डॉ. अमित कुमार जैन को मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का एडीजी बनाया गया है। साइबर अपराध पर फोकस बढ़ाते हुए रंजीत कुमार मिश्रा को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का आईजी बनाया गया है, जबकि संजय कुमार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का आईजी नियुक्त किया गया है।
जिला स्तर पर भी कई अहम तबादले हुए हैं। गया के एसएसपी आनंद कुमार को पटना का डीआईजी विधि-व्यवस्था बनाया गया है। प्रमोद कुमार यादव ने भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभाला है। विनीत कुमार को सारण का एसएसपी बनाया गया है। सागर कुमार अब पटना के ट्रैफिक एसपी होंगे, जबकि पूरन कुमार झा को सिवान का एसपी नियुक्त किया गया है। रामानंद कौशल को बगहा और अवधेश दीक्षित को लखीसराय का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
इसके अलावा पटना और आसपास के क्षेत्रों में भी नई तैनातियां की गई हैं। मोहिबुल्लाह अंसारी मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी बने हैं, जबकि शैलेंद्र सिंह को भागलपुर का सिटी एसपी बनाया गया है। दिव्यांजली जायसवाल को पटना का एसडीपीओ-2 नियुक्त किया गया है।
कुल मिलाकर, यह तबादला सूची सरकार की उस रणनीति को दर्शाती है जिसमें अनुभवी अधिकारियों को रणनीतिक पदों पर तैनात कर प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट