
पटना। पटना-गया मुख्य सड़क (एसएच-1) पर सड़क हादसे में घायल वृद्ध की सात दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की इलाज व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान संपतचक प्रखंड के ग्राम श्री टोला निवासी रामप्रवेश राय के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, 25 जून को तेज रफ्तार हीरो मोटरसाइकिल (BR01FN-0689) ने रामप्रवेश राय को टक्कर मार दी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए एनएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
मृतक के पुत्र मिथुन कुमार का आरोप है कि एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद उनके पिता का आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका। इलाज के दौरान अधिकांश दवाइयां और जरूरी सामग्री बाहर से खरीदनी पड़ी, जिससे आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
मौत की सूचना पर समाजसेवी संजीव शरद उर्फ गुड्डू सिंह अस्पताल पहुंचे और बाईपास थाना में दर्ज कांड संख्या 146/26 के अनुसंधानकर्ता को सूचना देकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 102 और 112 पर कई बार संपर्क करने के बावजूद शव को घर ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं में सुधार की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट अजीत कुमार
