दानापुर: भीषण गर्मी और तपती दोपहर में जब लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर थे, उसी समय भाड़ा बढ़ाने की मांग को लेकर कुछ ऑटो चालकों ने यात्रियों की परेशानी को नजरअंदाज करते हुए सड़क पर मनमानी शुरू कर दी। बुधवार को दानापुर के विभिन्न इलाकों में ऑटो का परिचालन बाधित कर सवारियों को बीच रास्ते में उतार दिया गया और चल रहे ऑटो को जबरन रोकने का प्रयास किया गया।
गांधी मैदान-दानापुर मार्ग, बस पड़ाव, प्रखंड कार्यालय के समीप, तकियापर और बीबीगंज समेत कई स्थानों पर कुछ चालक सड़क पर उतर आए और अन्य ऑटो चालकों को भी वाहन चलाने से रोकने लगे। इस दौरान कई जगहों पर ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन गई। सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को हुई, जिन्हें चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई ऑटो चालकों ने विवाद से बचने के लिए अपने वाहन लेकर रास्ता बदल लिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में भी लिया, जिसके बाद धीरे-धीरे ऑटो सेवा सामान्य हो सकी।
यात्रियों का कहना है कि भाड़े से जुड़ी कोई भी मांग प्रशासन के समक्ष रखी जा सकती है, लेकिन आम जनता को परेशान कर जबरन सेवा बाधित करना उचित नहीं है। वहीं प्रदर्शन कर रहे चालकों का कहना है कि ईंधन और अन्य खर्च बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
हालांकि, सामाजिक दृष्टि से देखा जाए तो किसी भी मांग को मनवाने के लिए आम लोगों की आवाजाही बाधित करना और यात्रियों को बीच रास्ते में उतारना न केवल अनुचित है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था के लिए भी चुनौती है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह भाड़ा निर्धारण को लेकर स्पष्ट नीति बनाए, ताकि न तो यात्रियों का शोषण हो और न ही चालकों को आंदोलन का सहारा लेना पड़े।

ब्यूरो रिपोर्ट