पटना। बिहार में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब और सख्त हो गया है। पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल बसों और वैनों की नियमित जांच होगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बुधवार को पटना में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने पटना प्रमंडल के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति और बाल परिवहन समिति की नियमित बैठक होनी चाहिए ताकि बच्चों के सुरक्षित आवागमन की लगातार निगरानी की जा सके।

बैठक में यह भी सामने आया कि स्कूल वाहनों के लिए परमिट, फिटनेस, बीमा, स्पीड गवर्नर और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसे मूलभूत मानकों का पालन अनिवार्य है। आयुक्त ने अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों, ओवरलोडिंग, प्रदूषण प्रमाणपत्र और अवैध वाहन संचालन की जांच करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव और दुर्घटनाओं को देखते हुए बेहतर यातायात प्रबंधन समय की जरूरत है। इसके लिए परिवहन, पुलिस, नगर निकाय, ट्रैफिक और सड़क निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। आयुक्त ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और वाहन संचालकों से भी बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

निष्कर्ष: हाल के वर्षों में स्कूल वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं और यातायात नियमों की अनदेखी की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आयुक्त की सख्ती से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहन संचालकों और परिवहन व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों पर व्यापक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट