पटना। बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है, जब राजधानी के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा। दोपहर करीब 12:10 बजे आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इसे और खास बना रही है। वे सुबह पटना पहुंचकर एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक रोड शो करेंगे। उनके साथ नीतीश कुमार, अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। इसे एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल विस्तार में सहयोगी दलों के बीच संतुलन साधने की रणनीति साफ दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जदयू को लगभग बराबर हिस्सेदारी मिल सकती है। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर 27 से 28 मंत्रियों के शपथ लेने की चर्चा है।
संभावित नामों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार और शीला मंडल जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इसके अलावा भाजपा की ओर से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, राम कृपाल यादव और संजय सिंह को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इसके साथ ही कुछ नए और युवा चेहरों को भी मौका मिल सकता है, जिससे सरकार में संतुलन और सामाजिक समीकरण मजबूत किए जा सकें। सहयोगी दलों की बात करें तो चिराग पासवान की पार्टी से संजय पासवान और अन्य एक नाम, जीतन राम मांझी के दल से एक प्रतिनिधि और उपेंद्र कुशवाहा के खेमे से भी एक मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि अंतिम सूची पर आधिकारिक मुहर शपथ ग्रहण से ठीक पहले लगने की संभावना है।
पूरे आयोजन को सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एनडीए सरकार इस मंच के जरिए अपनी एकजुटता और मजबूती दिखाने की तैयारी में है। गांधी मैदान एक बार फिर बड़े सियासी आयोजन का गवाह बनने जा रहा है, जहां सत्ता, रणनीति और भविष्य की दिशा—तीनों की झलक साफ दिखाई देगी।

ब्यूरो रिपोर्ट