
दानापुर। मनेर थाना क्षेत्र के नरहना गांव में शिव मंदिर के चापाकल से पानी लेने को लेकर हुए विवाद में मारपीट के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार गुंजन की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए अनिल सिंह और उर्मिला देवी को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, सह-अभियुक्त संतोष कुमार और सुषमा कुमारी को चेतावनी देकर रिहा कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी राम केश्वर प्रसाद ने अदालत को बताया कि यह मामला मनेर थाना कांड संख्या 104/05 से संबंधित है। घटना के अनुसार, नरहना निवासी राघव राम सिंह के परिवार के सदस्य मंदिर स्थित चापाकल से पानी ले रहे थे। इसी दौरान गांव में पूर्व से लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए संतोष कुमार ने घर के उपयोग के लिए पानी ले जाने से मना किया।
इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और अनिल सिंह, उर्मिला देवी समेत अन्य आरोपितों ने मिलकर राघव राम सिंह के परिजनों पर तेज हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में कई लोग घायल हो गए थे, जिनका इलाज कराया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अनिल सिंह और उर्मिला देवी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में भी सजा एवं जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि घायलों को दी जाएगी और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ब्यूरो रिपोर्ट
