फुलवारी शरीफ। फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र की प्रतिष्ठित मित्र मंडल कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलर सुजीत कुमार के घर हुई करोड़ों रुपये की बड़ी चोरी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश दोनों बढ़ गया है। परिवार ने घर में काम करने वाली दाई पर ही चोरी कराने का गंभीर आरोप लगाया है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अब वे रात में चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं और बारी-बारी से जागकर अपने घरों की निगरानी कर रहे हैं।
परिवार के अनुसार, घर में करीब एक-दो महीने पहले ही एक दाई को काम पर रखा गया था। शुरुआत से ही वह घर के भीतर के सभी हिस्सों से परिचित हो गई थी। अब परिवार को उसी पर सबसे अधिक शक है। परिजनों का कहना है कि पूछताछ के दौरान दाई बार-बार अपने पति का नाम, पता और अन्य जानकारी बदल रही है, जिससे उनका संदेह और गहरा गया है। परिवार ने साफ तौर पर कहा कि उनके घर में दाई के अलावा कोई बाहरी व्यक्ति नियमित रूप से नहीं आता था। ऐसे में बिना उसकी जानकारी के इतनी बड़ी चोरी संभव ही नहीं है।
परिजनों ने बताया कि जिस कमरे में नकद रुपये, जेवरात और अन्य कीमती सामान रखा गया था, उसी कमरे को चोरों ने निशाना बनाया। खास बात यह है कि उस रात उस कमरे में कोई नहीं सो रहा था। कमरे की खिड़की अंदर से खुली हुई थी, जिससे परिवार को अंदरूनी साजिश की आशंका और मजबूत लग रही है। उनका कहना है कि रात करीब तीन बजे चोर घर के पीछे की ओर से पहुंचे। आराम से खिड़की का दरवाजा खोला गया और पेचकस की मदद से खिड़की में लगी ग्रील को निकाल दिया गया। इसके बाद चोर सीधे कमरे के अंदर पहुंचे और बड़ी मात्रा में नकदी व कीमती सामान समेटकर फरार हो गए।
परिवार का कहना है कि चोरों ने जिस सटीकता और शांति से वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ है कि उन्हें पहले से पूरी जानकारी थी कि किस कमरे में क्या रखा है और घर के किस हिस्से में कौन सोता है। उनका कहना है कि यह काम किसी बाहरी गिरोह के अकेले बस की बात नहीं है। बिना घर के भीतर से सूचना दिए इतनी बड़ी चोरी नहीं हो सकती।
घटना की जानकारी मिलते ही फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घर में काम करने वाली दाई को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है। उसके बयान में विरोधाभास मिलने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।
पुलिस दिनभर मित्र मंडल कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती रही। कई संदिग्ध गतिविधियां भी सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया गया है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे चोरी कांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
इस घटना के बाद पूरी मित्र मंडल कॉलोनी में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इलाका शहर के सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित इलाकों में गिना जाता है, जहां राजनेता, अधिकारी और बड़े कारोबारी रहते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी हो जाना पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि रात में पुलिस गश्ती बेहद कमजोर रहती है। शाम ढलते ही असामाजिक तत्व और नशे में धुत युवक सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। पिछले डेढ़ साल से चोरी, चेन स्नैचिंग और बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। अब लोग पुलिस पर भरोसा कम और अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं।
हालात यह हैं कि कई परिवारों ने अपने घरों के बाहर अतिरिक्त ताले, सीसीटीवी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं। कुछ लोग रात में बारी-बारी से जागकर पहरा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और जल्द खुलासे की मांग की है। फिलहाल पूरे इलाके में डर, गुस्सा और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

अजीत कुमार की रिपोर्ट