पटना व्यवहार न्यायालय ने चर्चित फर्जी फ्लैट रजिस्ट्री मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व डीसीएलआर मैत्री सिंह, उनके पिता लाल नारायण सिंह और ममेरे भाई कान्तेश रंजन उर्फ पिंकू के खिलाफ कांड संख्या 3211/2025 में जमानती वारंट जारी किया है। न्यायालय ने यह कार्रवाई पहले जारी समन की अनदेखी किए जाने के बाद की है।
यह मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र के एकतापुरम स्थित निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स अपार्टमेंट के ब्लॉक ए-1 के फ्लैट नंबर 603 की कथित फर्जी रजिस्ट्री से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सत्यप्रकाश नारायण के अनुसार, फ्लैट के वास्तविक मालिक नागेश्वर सिंह स्वराज की अनुपस्थिति और उनके 95 वर्षीय बीमार पिता सुखदेव सिंह की स्थिति का लाभ उठाकर यह पूरा खेल रचा गया।
आरोप है कि निर्माणकर्ता कंपनी रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर पहले कान्तेश रंजन उर्फ पिंकू को फर्जी मालिक के रूप में पेश किया गया। इसके बाद अवैध तरीके से फ्लैट की रजिस्ट्री लाल नारायण सिंह के नाम करा दी गई। इतना ही नहीं, वास्तविक मालिक पर एनओसी पर हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए।
जानकारी के मुताबिक, 11 नवंबर 2023 को डीसीएलआर पटना सदर का पद संभालने के बाद 29 नवंबर 2023 को मैत्री सिंह ने अपने निजी पते रघु कॉम्प्लेक्स, दाउद बिगहा, थाना अगमकुआं से “लंघौरा रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड” नामक कंपनी का पंजीकरण कराया। इसके अगले ही दिन 30 नवंबर 2023 को संबंधित फ्लैट की कथित फर्जी रजिस्ट्री कराई गई।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी। इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सरकारी पदों के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अजीत कुमार की रिपोर्ट