पटना। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सोमवार को बिहटा प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं में कार्यों की प्रगति, अभिलेखों के संधारण और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई। इस दौरान अनधिकृत रूप से अनुपस्थित 9 कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया।
एक अन्य कर्मी का व्यवहार सरकारी सेवा नियमावली के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उसे चेतावनी देते हुए कारण-पृच्छा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के क्रम में लोक सेवा केंद्र, बाल विकास परियोजना कार्यालय, आपूर्ति, सहकारिता, कल्याण शाखा सहित कई विभागों का निरीक्षण किया गया। आरटीपीएस, स्थापना, लेखा, नजारत, अंकेक्षण, रोकड़ बही, अवकाश पंजी, सेवापुस्त और लोक सूचना अधिकार से जुड़े अभिलेखों की जांच की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर के कर्मचारियों का वेतन अब बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही जारी होगा।
अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नापीवाद, अतिक्रमणवाद और भूमि विवादों के निष्पादन की समीक्षा की गई। पुराने लंबित मामलों के अभिलेख देखे गए और निर्देश दिया गया कि निर्धारित समय-सीमा के बाद कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरटीपीएस के अंतर्गत आवेदनों की एक्सपायरी संख्या शून्य रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने जनगणना 2027 की तैयारी, सात निश्चय-3, एलपीजी आपूर्ति तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, वृद्धजन पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, निःशक्तता पेंशन और कबीर अंत्येष्टि योजना जैसे मामलों में लंबित आवेदनों को समय पर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आम लोगों से बातचीत कर फीडबैक भी लिया। लोगों ने विकासात्मक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर संतोष जताया, जबकि कुछ लोगों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। जिलाधिकारी ने कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया और अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया।
प्रखंड परिसर की साफ-सफाई, चहारदीवारी निर्माण, नए भवन निर्माण तथा स्टेशन रोड से अतिक्रमण हटाने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकासात्मक और लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध होकर कार्य करें।

ब्यूरो रिपोर्ट