धमदाहा/पूर्णिया।
पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक तृतीय सेमेस्टर परीक्षा के दूसरे दिन कुलपति प्रो. डॉ. विवेकानंद सिंह एवं प्रोक्टर डॉ. उदय शंकर सिंह ने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, उत्तर पुस्तिका भरने की प्रक्रिया तथा छात्रों की उपस्थिति की गहन जांच की।
कुलपति प्रो. डॉ. विवेकानंद सिंह ने धमदाहा स्थित स्नातक वीर नारायण चंद महाविद्यालय में संचालित परीक्षा का जायजा लिया। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि अधिकांश छात्र-छात्राओं ने उत्तर पुस्तिका में अपना रोल नंबर गलत तरीके से भरा था, जिससे परीक्षा परिणाम लंबित (पेंडिंग) होने की संभावना बढ़ जाती है।
इस पर कुलपति ने वीक्षकों (इनविजिलेटरों) को कड़ी फटकार लगाते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा कक्ष के श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) पर रोल नंबर भरने की सही प्रक्रिया लिखी जाए, ताकि छात्र-छात्राएं बिना गलती के जानकारी दर्ज कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर और पंजीयन संख्या दाएं से बाएं भरना अनिवार्य है।
कुलपति ने कहा कि अक्सर छोटी-सी लापरवाही के कारण छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हो जाता है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए वीक्षक पूरी सतर्कता बरतें और उत्तर पुस्तिका भरवाने में विशेष ध्यान दें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रत्येक छात्र-छात्रा के प्रवेश पत्र एवं पहचान पत्र की सघन जांच की जाए। यदि किसी छात्र के पास फर्जी प्रवेश पत्र या संदिग्ध पहचान पत्र पाया जाता है, तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय की विधि-व्यवस्था और परीक्षा संचालन को लेकर कुलपति संतुष्ट दिखे, लेकिन कुछ वर्ग कक्षों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. मनीष कुमार सिंह एवं केंद्राधीक्षक प्रो. शब्बीर आलम को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कुलपति ने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में भी परीक्षा कक्षों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहनी चाहिए, ताकि छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कदाचारमुक्त, पारदर्शी और व्यवस्थित परीक्षा कराना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट संतोष कुमार