पटना।

फुलवारी शरीफ अनुमंडल में शनिवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन शव मिलने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया। एक ही दिन तीन लावारिस और संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है। इनमें से एक व्यक्ति की पहचान हो गई है, जबकि दो शव अब भी अज्ञात हैं। भीषण गर्मी, तेज धूप और लगातार चल रही लू जैसी स्थिति को देखते हुए इन मौतों के पीछे हीट स्ट्रोक या लू लगने की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इंकार किया है।
पहला मामला फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के खगौल लख स्थित नहर किनारे का है, जहां स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति का शव लावारिस हालत में पड़ा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की कोशिश शुरू की, लेकिन मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया गया।

दूसरी घटना गौरीचक थाना क्षेत्र के सोनाचक गांव की है। यहां करीब 65 वर्षीय एक अज्ञात वृद्ध का शव लावारिस अवस्था में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी पटना भेज दिया। आसपास के गांवों और थाना क्षेत्रों में मृतक की पहचान के लिए पूछताछ की जा रही है।
तीसरा मामला पचरुखिया थाना क्षेत्र के चकसूरत गांव स्थित ग्रीन सिटी के पास सामने आया, जहां एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर पुलिस पहुंची। जांच के दौरान मृतक की पहचान शंकर साह (53 वर्ष), पिता नागेश्वर साह, निवासी कररा थाना घोसवारी, जिला पटना के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि शंकर साह चकसूरत स्थित ग्रीन सिटी में मजदूरी का काम करता था। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए एफएसएल टीम को बुलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों मृतक गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़े हुए थे। फुलवारी में मिला शव भिखारी का बताया जा रहा है, जबकि गौरीचक में भी एक असहाय वृद्ध की मौत हुई है। ऐसे में भीषण गर्मी और जानलेवा तपिश के बीच लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि कहीं इन मौतों की वजह लू तो नहीं।
मौसम विभाग भी लगातार चेतावनी जारी कर रहा है कि अत्यधिक गर्मी और तेज धूप के दौरान लोग बेवजह घर से बाहर न निकलें। जरूरी काम होने पर ही बाहर जाएं और पूरी सावधानी बरतें। लेकिन गरीब मजदूर, दिहाड़ी कामगार और भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले लोग पेट की मजबूरी में तपती धूप में निकलने को विवश हैं, जिससे उनकी जान पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। लगातार मिल रहे लावारिस शवों ने प्रशासन और समाज दोनों के सामने गरीब, बेसहारा और खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अजीत कुमार की रिपोर्ट