
पटना जिले में नेऊरा को प्रखंड का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है। मंगलवार को नेऊरा प्रखंड निर्माण संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला, जिससे क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है।
प्रतिनिधिमंडल में मोर्चा के अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद, सचिव सरयू प्रसाद, समाजसेवी व बलुआ पंचायत के पूर्व मुखिया परमेश्वर सिंह और सदस्य दीपक कुमार शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि नेऊरा को प्रखंड का दर्जा मिलने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

मोर्चा के अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद ने बताया कि नेऊरा को प्रखंड बनाने की मांग कोई नई नहीं है। वर्ष 1990-92 से लगातार इस मुद्दे को लेकर आंदोलन और प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वर्तमान में नेऊरा, पटना जिले के बिहटा प्रखंड के अंतर्गत आता है, जहां से प्रखंड मुख्यालय की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। वहीं मनेर 25 किमी, नौबतपुर 8 किमी, फुलवारी शरीफ 12 किमी और दानापुर 15 किमी दूर पड़ता है। इस कारण छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए भी लोगों को कई दिनों तक चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे खासकर महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग काफी परेशान होते हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि यदि नेऊरा को प्रखंड बनाया जाता है तो कुल 12 पंचायतों को मिलाकर नया प्रखंड गठित किया जा सकता है, जिससे इन पंचायतों की दूरी घटकर मात्र 3 से 4 किलोमीटर रह जाएगी। इससे प्रशासनिक सुविधाएं सुलभ होंगी और योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
संघर्ष मोर्चा ने यह भी दावा किया कि नेऊरा प्रखंड बनने के सभी मानकों को पूरा करता है। यहां थाना, रेलवे स्टेशन, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्लस टू विद्यालय, उपडाकघर, बैंक, आयुर्वेदिक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पावर सबस्टेशन और बेहतर सड़क व यातायात की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा बिहटा प्रखंड 26 पंचायतों के साथ जिले का सबसे बड़ा प्रखंड है, जिससे प्रशासनिक बोझ अधिक है और योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंच पाता।
मोर्चा के सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी और लंबे समय से लंबित इस मांग को पूरा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सके।
ब्यूरो रिपोर्ट
