पटना, 19 मई। बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना हवाई अड्डे के रनवे विस्तार और उसकी क्षमता बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जाए। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि बिहार में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है और अगले पांच वर्षों में एयर कनेक्टिविटी को दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी जिलों में हवाई संपर्क विकसित करने के लिए रोडमैप तैयार कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और समावेशी विकास को लेकर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार को पूर्वी भारत का क्षेत्रीय एविएशन हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
बैठक में नागर विमानन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और क्षमता वृद्धि को लेकर सुझाव दिए। इसके अलावा दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने, पूर्णिया एयरपोर्ट के स्थायी सिविल एन्क्लेव निर्माण, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, सहरसा और बीरपुर हवाई अड्डों के विकास समेत कई योजनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क बढ़ने से पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक नागरिक उड्डयन व्यवस्था वाला राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट