
पटना: आपदा से बचाव के लिए जन-जागरूकता को सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए बिहार के कृषि मंत्री Ramkripal Yadav ने कहा कि सरकारी संसाधनों पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का होता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल का भारी नुकसान होता है, इसलिए लोगों को पहले से सतर्क और तैयार रहना बेहद जरूरी है।
कृषि मंत्री ने यह बातें फ्रेजर रोड स्थित युवा आवास से निकाली गई आपदा जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कही। यह रैली विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य लोगों को आपदा प्रबंधन और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना था।
उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्य में बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक चुनौतियां समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में सरकार के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि अब केंद्र और राज्य सरकार आपदाओं की पूर्व सूचना एकत्रित कर समय रहते लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है, जिससे नुकसान को कम किया जा सके।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों से आए प्रतिनिधि इस अभियान से जुड़े हैं और रैली के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं, जो सराहनीय पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के समय महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए सुरक्षित और भूकंपरोधी मकानों के निर्माण के साथ-साथ नदियों को जोड़ने जैसी दीर्घकालिक योजनाओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ‘आपदा दूत’ तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें प्रशिक्षण देकर आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में मददगार बनाया जाएगा।
आपदा जागरूकता रैली युवा आवास से शुरू होकर Bapu Sabhagar तक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली में विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर लोगों को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक किया।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
