
बिक्रम : प्रखंड के खोरैठा स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम में रविवार को गांधी आश्रम सह शहीद स्मारक विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीकांत प्रसाद ने की। बैठक की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी पंडित पुण्यदेव शर्मा की आदमकद प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
बैठक में गांधी आश्रम की ऐतिहासिक महत्ता और वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह आश्रम स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है, लेकिन समय के साथ इसे अपेक्षित सरकारी संरक्षण नहीं मिल सका है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके संरक्षण और विकास के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई गई।
समिति के सदस्यों ने बताया कि जलियांवाला बाग कांड के बाद वर्ष 1921 में महात्मा गांधी ने बिक्रम निवासी स्वतंत्रता सेनानी बसारत मियां की जमीन पर इस आश्रम की स्थापना की थी। इसके बाद वर्ष 1925 और 1947 में भी महात्मा गांधी का यहां आगमन हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई प्रमुख नेताओं ने भी इस आश्रम का दौरा किया था।
बैठक में निर्णय लिया गया कि गांधी आश्रम के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 से पखवाड़ा समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आश्रम के इतिहास को संकलित कर एक स्मारिका प्रकाशित करने की भी योजना बनाई गई है।
समिति के संयोजक अरुण कुमार आजाद ने बताया कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पटना जिले के स्वतंत्रता सेनानी परिवारों, जेपी आंदोलन से जुड़े लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को इस ऐतिहासिक स्थल और स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सके।
बैठक में अगली बैठक 5 अप्रैल 2026 को आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इस मौके पर सिया शरण यादव, अधिवक्ता प्रमोद कुमार शर्मा, सुजीत रविदास, ब्रज किशोर तिवारी, कृष्णा मोची, राजेंद्र सिंह, उमेश यादव, ललन उपाध्याय, परमिंदर शर्मा, शशांक शेखर समेत समिति के कई सदस्य मौजूद थे।
रिपोर्ट: शशांक मिश्रा
