बिक्रम: प्रखंड के हरपुरा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया। यज्ञ स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ती रही और पूरा वातावरण भक्ति व श्रद्धा से सराबोर रहा।
कथा व्यास श्री श्री 1008 स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में धर्म, भक्ति और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब वह धर्म, भक्ति और सत्संग के मार्ग पर चलता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे कितना भी धनी क्यों न हो, यदि वह धर्म और मर्यादा से भटक जाता है तो उसका धन और वैभव अधिक समय तक टिक नहीं पाता। अधर्म और बुरे कर्म अंततः व्यक्ति और उसके परिवार के पतन का कारण बनते हैं।

स्वामी जी ने यज्ञ के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, शुद्ध वातावरण और लोककल्याण की भावना को बढ़ाने का माध्यम है। इससे मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है तथा समाज में धर्म और संस्कारों का प्रसार होता है।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। कथा स्थल पर भक्ति गीतों और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं यज्ञ परिसर के पास लगे झूले भी आकर्षण का केंद्र बने रहे, जहां बच्चों और युवाओं की भीड़ देखी गई।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में पोंगल का वितरण किया गया। आयोजन समिति के अनुसार श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन कथा, प्रवचन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। क्षेत्र में यज्ञ को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

अनील त्रिपाठी की रिपोर्ट