
शहरी गरीबों के विकास पर 27.54% राशि खर्च होगी, स्वच्छता और आधारभूत संरचना पर जोर
पटना।
नगर परिषद संपतचक द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,57,95,81,606 रुपये का बजट शनिवार को आयोजित बोर्ड की बैठक में पारित किया गया। बैठक में पिछले वित्तीय वर्षों 2024-25 तथा 2025-26 के दिसंबर तक के वास्तविक आय-व्यय के आंकड़ों के आधार पर आगामी वर्ष के संभावित आय-व्यय का आकलन प्रस्तुत किया गया।
बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में रोकड़, बैंक और कोषागार में 37,16,29,189 रुपये की प्रारंभिक शेष राशि रहने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त आंतरिक राजस्व, विभिन्न शुल्कों तथा केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदानों को मिलाकर कुल अनुमानित प्राप्ति 1,52,58,17,481 रुपये आंकी गई है। वहीं स्थापना एवं अन्य राजस्व व्यय मद में 35,27,60,356 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा आधारभूत संरचना और अन्य पूंजीगत विकास कार्यों पर 1,22,68,21,250 रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। सभी मदों के बाद वित्तीय वर्ष के अंत में 31,78,65,064 रुपये शेष रहने का अनुमान है।
संपत्ति कर और विभिन्न शुल्क आय के प्रमुख स्रोत
नगर परिषद के बजट में आय के प्रमुख स्रोतों में संपत्ति कर, नगरपालिका संपत्तियों से किराया, विभिन्न फीस एवं यूजर चार्ज तथा मोबाइल टावर टैक्स शामिल हैं। परिषद क्षेत्र के मकानों से बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 127 के तहत वार्षिक किराया मूल्य का 9 प्रतिशत संपत्ति कर वसूला जाएगा।
आगामी वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य 6,87,75,000 रुपये रखा गया है। इसके तहत नए और अब तक सूचीबद्ध नहीं हुए मकानों को भी होल्डिंग कर के दायरे में लाया जाएगा। साथ ही बड़े बकायेदारों की सूची अखबारों में प्रकाशित की जाएगी तथा कर नहीं चुकाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगरपालिका संपत्तियों, बाजारों, सड़क किनारे अस्थायी दुकानों तथा सैरात बंदोबस्ती से किराया मद में लगभग 1,62,750 रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। वहीं ट्रेड लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाने का शुल्क, भवन अनुज्ञा शुल्क, पानी के टैंकर शुल्क तथा सेप्टिक टैंक क्लीयरेंस जैसे विभिन्न शुल्कों से करीब 2,93,10,825 रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है। मोबाइल टावर टैक्स से भी लगभग 2,88,750 रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।
सड़क, नाला और जलापूर्ति पर बड़ा निवेश
नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, नाला निर्माण और स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज सिस्टम के विकास पर 64,62,75,000 रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नल-जल योजना और पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत जलाशय निर्माण, जलापूर्ति और वर्षा जल संचयन व्यवस्था के लिए 6,30,00,000 रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय, डिलक्स शौचालय और मोबाइल टॉयलेट के निर्माण के लिए 2,48,00,000 रुपये, डस्टबिन की व्यवस्था के लिए 45 लाख रुपये तथा पार्क-पार्किंग, अशोक सम्राट भवन, सामुदायिक भवन, बस स्टैंड, वेंडिंग जोन, वृद्ध आश्रय स्थल, शवदाह गृह और मोक्षधाम, नगरपालिका वाहन गैराज और लाइब्रेरी जैसे निर्माण कार्यों के लिए 14,44,25,000 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
शहरी गरीबों के विकास पर विशेष जोर
नगर परिषद सभापति अमित कुमार ने कहा कि इस बजट के माध्यम से संपतचक को और अधिक सुंदर, स्वच्छ और विकसित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, बिजली-पानी और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 82 के तहत शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास पर कुल संसाधनों का न्यूनतम 25 प्रतिशत खर्च करना अनिवार्य है। इसी प्रावधान के तहत नगर परिषद संपतचक ने 27.54 प्रतिशत यानी 52,26,49,453 रुपये की राशि शहरी गरीबों के विकास के लिए निर्धारित की है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लैंडफिल साइट विकसित होगी
नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लैंडफिल साइट के विकास हेतु 4,72,50,000 रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के तहत कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष निशा कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी समेत सभी वार्ड पार्षद मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट
